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साहेबगंज में बोर्ड परीक्षा से पहले बड़ी चूक


संस्कृत की जगह उर्दू दर्ज, नामों में भी त्रुटि — 16 से अधिक छात्राओं का भविष्य संकट में

साहेबगंज

साहेबगंज जिले के बरहरवा प्रखंड अंतर्गत इस्लामपुर स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय, इस्लामपुर में कक्षा आठवीं बोर्ड परीक्षा 2026 से जुड़ी गंभीर प्रशासनिक त्रुटि का मामला सामने आया है। उपलब्ध दस्तावेज़ों के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि विद्यालय स्तर पर डेटा अपलोड करते समय कई महत्वपूर्ण गलतियाँ कर दी गईं।

दस्तावेज़ों से क्या हुआ स्पष्ट?

जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), साहेबगंज को दिए गए आवेदन तथा विद्यालय से अग्रसारित पत्र में निम्नलिखित त्रुटियाँ दर्ज हैं—

* छात्राओं के वैकल्पिक विषय में गड़बड़ी

* संस्कृत की जगह उर्दू दर्ज

* माता के नाम की गलत वर्तनी

* पिता के नाम की गलत वर्तनी

छात्रा द्वारा 17 जनवरी 2026 को विद्यालय को सुधार हेतु आवेदन दिया गया था, लेकिन आरोप है कि समय रहते सुधार नहीं किया गया। इसके बाद 22 जनवरी 2026 को विद्यालय की ओर से संबंधित कार्यालय को पत्र भेजा गया, परंतु अभी तक सुधार की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हुई।

एडमिट कार्ड में भी गलत विषय

झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा जारी कक्षा आठवीं परीक्षा 2026 के एडमिट कार्ड में वैकल्पिक विषय के रूप में "उर्दू" अंकित है, जबकि छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन के समय "संस्कृत" का चयन किया था।

छात्राओं का कहना है कि उन्होंने कभी उर्दू विषय का अध्ययन नहीं किया है, ऐसे में उस विषय की परीक्षा देना संभव नहीं है।
16 से अधिक छात्राएं प्रभावित

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लगभग 16 से अधिक छात्राएं इस त्रुटि से प्रभावित हैं। इनमें अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग की छात्राएं भी शामिल हैं। अभिभावकों का कहना है कि यह लापरवाही सीधे तौर पर छात्राओं के शैक्षणिक भविष्य को प्रभावित कर सकती है।
प्रशासन से की गई शिकायत

मामले को लेकरये

* जिला शिक्षा पदाधिकारी, साहेबगंज

* प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी

* उपायुक्त, साहेबगंज

* झारखंड एकेडमिक काउंसिल

को आवेदन देकर अविलंब सुधार की मांग की गई है।

अभिभावकों ने दोषी के विरुद्ध कार्रवाई तथा अभिलेखों में तत्काल संशोधन की मांग की है।
समय कम, परीक्षा नजदीक

कक्षा आठवीं बोर्ड परीक्षा की तिथि निकट है। ऐसे में यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो छात्राओं को गंभीर शैक्षणिक क्षति उठानी पड़ सकती है।

जांच की तैयारी

शिक्षा विभाग स्तर पर मामले की जांच की तैयारी की सूचना है। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद छात्राओं को शीघ्र राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

निष्कर्ष:

उपलब्ध पत्रों और एडमिट कार्ड के अवलोकन से यह स्पष्ट है कि त्रुटि वास्तविक है और सुधार की आवश्यकता अत्यंत जरूरी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित अधिकारी कितनी शीघ्रता से कार्रवाई कर छात्राओं के भविष्य को सुरक्षित करते हैं।

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