हैदरनगर थाने में बर्बरता का आरोप उपप्रमुख के नाम पर वसूली कपड़ा उतरवाकर पिटाई का आरोप का दावा पीड़ित ने एसपी से किया न्याय की गुहारAllegations of brutality at the Haidernagar police station include extortion in the name of the deputy chief, claims of stripping and beating. The victim appealed to the SP for justice.
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| पीड़ित पर मार के निशान |
हैदरनगर, पलामू।
हैदरनगर थाना क्षेत्र से पुलिसिया ज्यादती और दबाव में अवैध वसूली का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित बीरेंद्र कुमार साह (निवासी—हैदरनगर गंजपर, पलामू) ने उपप्रमुख पप्पू कुमार पासवान, हैदरनगर थाना प्रभारी और थाना के एक पु.अ.नि. (छोटा बाबू) पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसपी से न्याय की गुहार लगाई है
पीड़ितों के लिखित आवेदन के अनुसार, चुनाव के दौरान पंचायत के उपप्रधान डॉ. कुमार पासवान को कुल 1.70 लाख रुपये की नकद राशि दी गई थी। इसमें से 20 हजार रुपये वापस हो गए थे, जबकि 1.50 लाख रुपये बिक गए थे। फ़्रॉच रिज़ के उपप्रमुख द्वारा केस में फ़ाफ़ने की धमकी दी गई।
आवेदन में बताया गया है कि 3 जनवरी 2026 को 1.65 लाख रुपये का धान बेचा गया, जिसमें 35 हजार रुपये का मोबाइल भुगतान हुआ। शेष राशि को कागजात में कागजात (मिन्हा) करने की बात पर विवाद बढ़ गया। इसके बाद पीड़ित को हैदरनगर थाना बुलाया गया, जहां उसकी मूल किलेबंदी और उपप्रमुख द्वारा चेक जब्ती कर ली गई।
पीड़ित का आरोप है कि थाने के प्रभारी और छोटे बाबू धनंजय गोप और अन्य सहयोगियों ने उसके कपड़े उतारवाकर, सहायक सहायक टालवों और साथियों को स्ट्रेंथ से दूर कर दिया, जिससे वह बेहोश हो गया। पीड़िता का दावा है कि आज भी उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
इतना ही नहीं, आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि इंडिपेंडेंट बॉन्ड के लिए 90 हजार रुपये का भुगतान किया गया और सारा खाता-बही छीन लिया गया। पीड़ित ने इस पर अवैध दबाव और आतंकवाद का मामला दर्ज कर उपप्रमुख, थाना प्रभारी और संबंधित सहयोगियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह मामला पलामू जिले में कानून-व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाता है। अब देखिए यह होगा कि प्रशासन और उच्च पुलिस अधिकारी इस याचिका पर क्या नाम लेते हैं और वैज्ञानिक जांच कब तक करते हैं शुरू होता है.

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