हुसैनाबाद: हजरत दाता पीर बख्श शाह (र.अ.) का सालाना उर्स अकीदत के साथ संपन्न, 36 लाख के वार्ड भवन की मिली सौगातHussainabad: Hazrat Data Peer Baksh Shah (RA)'s annual Urs concluded with devotion, ward building worth Rs 36 lakhs received as a gift
(हुसैनाबाद):
हुसैनाबाद नगर पंचायत अंतर्गत जपला-हैदर नगर मुख्य रोड के समीप स्थित हजरत दाता पीर बख्श शाह रहमतुल्लाह अलैह की मजार पर आयोजित सालाना उर्स के दूसरे दिन पूरी अकीदत, अमन और भाईचारे के साथ चादर पोशी और कव्वाली का प्रोग्राम संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित कव्वाली के मुकाबले ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
रूहानी कव्वाली का समां
उर्स के दूसरे दिन मजार के समीप कव्वाली का शानदार मुकाबला हुआ। मशहूर कव्वाल बाबू गुलाम साबरी और हमनवा तनवीर इंडियन कव्वाला के बीच पूरी रात खानकाही कव्वाली का दौर चला, जिसने वातावरण को रूहानी रंग में रंग दिया।
विकास की बड़ी घोषणा और नेताओं की खरी-खरी
कार्यक्रम का उद्घाटन इब्राहिम सेठ ,सायरा खान,और युवा नेता शेर अली और नगर अध्यक्ष अजय भारती ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस मौके पर नगर अध्यक्ष अजय भारती ने जायरीन की सुविधाओं के लिए एक बड़ी सौगात देते हुए 36 लाख रुपये की लागत से 'वार्ड भवन' बनाने की घोषणा की, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की समस्या दूर हो सके।
वहीं, युवा नेता शेर अली ने पूर्व और वर्तमान जनप्रतिनिधियों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मजार की स्थिति लंबे समय से उपेक्षित है। उन्होंने कहा, "जनप्रतिनिधियों का काम केवल चुनाव जीतना और बड़ी घोषणा कर मुकर जाना नीतियों में रहा है,
आज अजय भारती को चार महीना चुनाव जीते हुआ है और उन्होंने ये सौगात दी है। मैं उनका धन्यवाद देता हूं कुछ नेता विधायक फंड से कार्यकर्ताओं में देढ़ डेढ़ लाख फंड बांटकर मोटी गर्दन किया है, कार्य कर्ता का क्या है कोई दो लाख देगा तो वो वहीं चले जाएंगे,
जनप्रतिनिधि ऐसा होना चाहिए कि धार्मिक स्थलों और समाज का विकास का ख्याल रखना चाहिए नगर अध्यक्ष अजय भारती ने अपने कार्यकाल के मात्र चार महीनों में ही विकास कार्यों की शुरुआत करने पर जोर देते हुए कहा कि जो समाज के लिए कार्य करेगा, वही जनता के दिलों पर राज करेगा। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में नगर पंचायत ऐसे आयोजनों में खुद पहल कर सहयोग करेगी।
प्रशासनिक खामियों पर उठा सवाल
आयोजन की भव्यता के बीच एक गंभीर प्रशासनिक चूक भी सामने आई। कव्वाला के 'बिनजू मास्टर' की तबीयत बिगड़ने पर कव्वाला को मंच से डॉक्टरों व स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गुहार लगानी पड़ी। ऐसे बड़े आयोजन में प्राथमिक चिकित्सा सुविधा का नदारद होना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर गया,जिससे नेताओं के लोक-लुभावन वादे खोखले नजर आए।
गरिमामयी उपस्थिति
इस आयोजन में नगर के गणमान्य लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। इसमें मुख्य रूप से सोनू खान, नसीम खान, महताब खान, अफरोज अंसारी, बड़ा बाबू, अब्बास कादरी, फैज कादरी, शब्बीर अली, शाकिर अली, जुल्फिकार अली, मुखिया नवाजिश खान, आरजू खान और मोइन खान मौजूद रहे।
विशेष अतिथि के रूप में असगर खान, सद्दाम खान, गोरख भाई, मोहम्मद अली, खुर्शीद खलीफा, मंसूर खलीफा, मुन्ना खलीफा, पुटून खलीफा और राजा भाई की विशेष उपस्थिति रही।
आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम के सफल समापन पर आयोजक इब्राहिम खान (इब्राहिम सेठ) एवं उनकी धर्मपत्नी सायरा खान ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इब्राहिम सेठ ने कहा, "मैं सभी अकीदतमंदों और श्रद्धालुओं का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने पूरे संयम और सौहार्द का परिचय देते हुए हर वर्ष की तरह इस आयोजन को एक मिसाल के तौर पर सफल बनाया।




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