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जल मीनार' बनी भ्रष्टाचार की भेंट, भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे देवरी पंचायत के ग्रामीण news today rbc channel


हुसैनाबाद (पलामू):

एक तरफ पलामू प्रमंडलीय आयुक्त श्रीमती कुमुद सहाय और जिला प्रशासन भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारू पेयजल आपूर्ति और चापाकलों की मरम्मत के सख्त निर्देश दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हुसैनाबाद प्रखंड की देवरी पंचायत (देवरी कला, मिस्त्री लाइन) मंदिर के समीप में सरकारी योजनाओं की पोल खुल गई है। यहाँ हाल ही में लगाई गई 'सोलर जल मीनार' ग्रामीणों के लिए सुविधा के बजाय भ्रष्टाचार और लूट का प्रतीक बनकर रह गई है।

मात्र दो घंटे पानी, योजना बनी 'हाथी का दांत'

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि जल संकट दूर करने के नाम पर महज एक सप्ताह पूर्व लगाई गई यह सोलर जल मीनार केवल नाम की है। इस बोरवेल से लोगों को दिनभर में बमुश्किल दो घंटे ही पानी मिल पा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, तकनीकी मानकों को दरकिनार करते हुए बोरिंग महज 45 फीट की गहराई पर ही मोटर लटका कर छोड़ दी गई है, जबकि जल स्तर काफी नीचे जा चुका है। लोगों का कहना है कि सरकार की 'हर घर जल' की योजना यहाँ सिर्फ एक दिखावा साबित हो रही है।

घटिया सामग्री और संवेदक की मनमानी

ग्रामीणों ने संवेदक (ठेकेदार) अभय कुमार सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि योजना में मानकों के विपरीत बेहद घटिया गुणवत्ता वाली मोटर, पाइप और अन्य सामग्री का उपयोग किया गया है। लोगों का कहना है कि मोटर को लगाने के लिए रोलर वाले प्लास्टिक पाइप का सहारा लिया गया है। ग्रामीणों का सबसे बड़ा दर्द यह है कि पहले जब जल मीनार नहीं थी, तब हैंडपंप से उन्हें पर्याप्त पानी मिल जाता था, लेकिन मोटर लगाने के बाद अब हैंड पंप पूरी तरह बंद हो गया है और जल मीनार से पानी नदारद है।

संवेदक का गैर-जिम्मेदाराना रवैया

जब इस संदर्भ में संवेदक अभय कुमार सिंह से बात की गई, तो उन्होंने जिम्मेदारी लेने के बजाय पल्ला झाड़ते हुए इसे केवल 'री-बोरिंग' की आवश्यकता बता दिया। प्रश्न यह उठता है कि एक सप्ताह पहले ही लगाई गई योजना में तत्काल री-बोरिंग की आवश्यकता क्यों पड़ रही है? क्या कार्य शुरू करने से पहले जलस्तर और मानकों की कोई जांच नहीं की गई थी? एक तो बड़ी मुश्किल से वर्षों बाद सरकार की महत्वकांक्षी योजना मिली और वो भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है।

प्रशासन से जांच की मांग

भीषण गर्मी के इस मौसम में जहाँ लोग पानी के बिना बेहाल हैं, वहीं देवरी कला के निवासियों के लिए यह जल मीनार किसी छलावे से कम नहीं है। ग्रामीणों ने हुसैनाबाद प्रशासन और पलामू जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरी योजना की उच्चस्तरीय जांच हो। क्यों कि ये जल्मीनार लोगों को राहत तो देगा ही और निकट में मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को भी जल आसानी से सुलभ हो जाएगा।

 मुख्य मांगें:

   * योजना में उपयोग की गई सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की तत्काल जांच हो।

   * संवेदक की मिलीभगत और लापरवाही के लिए उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

   * देवरी कला के निवासियों के लिए पानी की वैकल्पिक और स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

अगर रि बोर की आवश्यकता है तो उसे कराया जाय 

क्या जिला प्रशासन इस भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी योजना पर संज्ञान लेकर लू के थपेड़ों में तप रहे देवरी पंचायत के ग्रामीणों को राहत पहुँचाएगा, या यह योजना महज एक 'शो-पीस' बनकर रह जाएगी?

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